हिरनोदा में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) का आयोजन

हिरनोदा गाँव में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) गाँव के लोगों — ख़ासकर छात्रों और युवाओं — के बीच योग को लोकप्रिय बनाने के लिए मनाया गया। योग दिवस पर तत्कालीन ग्राम सरपंच श्रीमती बबीता नेटवाल, श्री लालचंद नेटवाल, समस्त अध्यापकगण और ग्रामवासियों ने साथ मिलकर योग किया और योग के फ़ायदों के बारे में जाना।
योग दिवस के बारे में
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसंबर 2014 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था, और 2015 से हर साल यह दिन पूरी दुनिया में मनाया जाता है। 21 जून साल का सबसे लंबा दिन होता है।
गाँव में योग के फ़ायदे
- खेती और मेहनत के काम करने वालों के लिए पीठ, घुटने और कंधों के दर्द में राहत।
- विद्यार्थियों के लिए एकाग्रता और याददाश्त में मदद।
- बुज़ुर्गों के लिए शरीर में लचीलापन और संतुलन।
- बिना किसी ख़र्च के, घर या स्कूल के मैदान में रोज़ किया जा सकने वाला व्यायाम।
रोज़ के लिए आसान शुरुआत
रोज़ सुबह 15–20 मिनट — ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन जैसे सरल आसन, कुछ देर अनुलोम-विलोम और अंत में शांत बैठकर गहरी साँस। कोई बीमारी हो तो डॉक्टर या प्रशिक्षित योग शिक्षक की सलाह से ही आसन चुनें।
योग दिवस के कुछ पल
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हिरनोदा में योग दिवस पर कौन-कौन शामिल हुए?
तत्कालीन सरपंच श्रीमती बबीता नेटवाल, श्री लालचंद नेटवाल, गाँव के अध्यापक, छात्र, युवा और ग्रामवासी।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कब मनाया जाता है?
हर साल 21 जून को। संयुक्त राष्ट्र ने 2014 में इसकी घोषणा की और 2015 से यह मनाया जा रहा है।








