हिरनोदा के युवा पहले भी रक्तदान शिविर में 100 से ज़्यादा यूनिट रक्त दे चुके हैं। अब ज़रूरत के समय किसी को खून के लिए भटकना न पड़े — इसलिए गाँव के रक्तदाताओं की यह सूची बनाई गई है। मरीज़ का ब्लड ग्रुप चुनें: उस ग्रुप के और जो उस ग्रुप को खून दे सकते हैं, वे दाता सामने आ जाएँगे।
इमरजेंसी? एम्बुलेंस के लिए 108 पर कॉल करें। आसपास के ब्लड बैंक में कौन-सा खून उपलब्ध है, यह e-RaktKosh पर देखें।
किस ग्रुप का खून चाहिए?
ग्रुप चुनें — उस ग्रुप के और जो उसे खून दे सकते हैं, वे दाता ऊपर दिखेंगे।
इस ग्रुप के लिए अभी कोई दाता सूची में नहीं है। e-RaktKosh पर नज़दीकी ब्लड बैंक देखें, या गाँव के WhatsApp ग्रुप में संदेश भेजें।
रक्तदाताओं का पूरा नंबर पेज पर नहीं दिखता। इन नंबरों का इस्तेमाल सिर्फ़ रक्तदान के लिए करें।
रक्तदाता बनें
18 से 65 साल के हैं, वज़न 45 किलो से ज़्यादा है और स्वस्थ हैं? नीचे अपना नाम जोड़ें। आपका पूरा नंबर पेज पर नहीं दिखेगा — लोग “कॉल” या “WhatsApp” बटन से ही आपसे बात कर पाएँगे। रक्तदान करने के बाद अपने गुप्त लिंक से “आज रक्तदान किया” दबा दें, ताकि अगले 3 महीने कोई फ़ोन न करे।
धन्यवाद, आप किसी की जान बचाने के लिए तैयार हैं! 🙏
जाँच के बाद आपका नाम ब्लड बैंक की सूची में दिखने लगेगा।
यह लिंक सँभालकर रखें। रक्तदान करने के बाद इससे "आज रक्तदान किया" दबाएँ, ताकि 3 महीने तक लोग आपको फ़ोन न करें। इसी से अपना नाम हटा भी सकते हैं:
ख़ुद को WhatsApp करेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कौन रक्तदान कर सकता है?
आम तौर पर 18 से 65 वर्ष का स्वस्थ व्यक्ति, जिसका वज़न 45 किलो से ज़्यादा हो और हीमोग्लोबिन ठीक हो। अंतिम जाँच ब्लड बैंक के डॉक्टर करते हैं।
कितने समय बाद दोबारा रक्तदान कर सकते हैं?
पुरुष 3 महीने बाद और महिलाएँ 4 महीने बाद दोबारा पूरा रक्त (होल ब्लड) दान कर सकते हैं।
O- को सबसे ज़रूरी क्यों कहते हैं?
O- ग्रुप का खून (लाल रक्त कोशिकाएँ) हर ब्लड ग्रुप के मरीज़ को चढ़ाया जा सकता है, इसलिए इमरजेंसी में इसकी सबसे ज़्यादा माँग रहती है।
ब्लड बैंक में खून उपलब्ध है या नहीं, कैसे पता करें?
भारत सरकार के e-RaktKosh पोर्टल (eraktkosh.mohfw.gov.in) पर अपने ज़िले के ब्लड बैंकों में उपलब्ध खून की जानकारी देख सकते हैं।