थार ड्राई पोर्ट हिरनोदा — जयपुर का नया इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD)
हिरनोदा में 100 एकड़ से ज़्यादा में बना "द थार ड्राई पोर्ट" — रेल से सीधे मुंद्रा और पीपावाव बंदरगाह तक कंटेनर, कस्टम क्लियरेंस और वेयरहाउस की सुविधा। गाँव के लिए रोज़गार और पहचान।

हिरनोदा अब सिर्फ़ एक गाँव और रेलवे स्टेशन का नाम नहीं, बल्कि राजस्थान के निर्यात (एक्सपोर्ट) के नक्शे पर भी है। गाँव में रेलवे स्टेशन के पास “द थार ड्राई पोर्ट” नाम का इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) बना है, जहाँ से जयपुर क्षेत्र का माल कंटेनरों में भरकर सीधे रेल से गुजरात के बंदरगाहों तक जाता है।
एक नज़र में
| नाम | द थार ड्राई पोर्ट (ICD हिरनोदा, जयपुर) |
| चलाने वाली कंपनी | हस्ती पेट्रो केमिकल एंड शिपिंग लिमिटेड (HPCSL) |
| जगह | हिरनोदा रेलवे स्टेशन / फुट ओवर ब्रिज के पास, हिरनोदा, तहसील फुलेरा, ज़िला जयपुर |
| जयपुर से दूरी | लगभग 55 किलोमीटर |
| क्षेत्रफल | 100 एकड़ से ज़्यादा |
| लागत | लगभग ₹300 करोड़ |
| क्षमता | हर साल 2.5 लाख से ज़्यादा TEU (20 फ़ुट के कंटेनर के बराबर) |
| जुड़े बंदरगाह | मुंद्रा और पीपावाव (गुजरात) |
| रेल संपर्क | वेस्टर्न डेडिकेटेड फ़्रेट कॉरिडोर (मालगाड़ियों का अलग रेल मार्ग) |
| शुरुआत | 31 मई 2026 — उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने शुरू किया |
ड्राई पोर्ट क्या होता है?
ड्राई पोर्ट यानी “सूखा बंदरगाह” — समुद्र से दूर ज़मीन पर बना ऐसा केंद्र, जहाँ बंदरगाह वाले ज़्यादातर काम हो जाते हैं। व्यापारी अपना माल यहीं कंटेनर में भरवाते हैं, यहीं कस्टम (सीमा शुल्क) की जाँच होती है और कंटेनर सील होकर मालगाड़ी से सीधे बंदरगाह पहुँच जाता है। विदेश से आने वाला माल भी इसी रास्ते यहाँ आकर छूटता है।
इससे जयपुर के व्यापारियों को माल लेकर ट्रकों से सैकड़ों किलोमीटर दूर गुजरात के बंदरगाह तक नहीं जाना पड़ता। राजस्थान पत्रिका की ख़बर के अनुसार इससे लगभग 700 किलोमीटर का सड़क सफ़र बचता है और ढुलाई सस्ती होती है।
यहाँ क्या-क्या सुविधाएँ हैं
- कंटेनरों को उतारना, चढ़ाना और रखना (कंटेनर यार्ड)
- यहीं पर कस्टम क्लियरेंस — आयात-निर्यात की काग़ज़ी कार्यवाही
- वेयरहाउस (गोदाम) और माल की पैकिंग-भराई
- रेल और सड़क — दोनों से माल लाने-ले जाने की सुविधा
- पूरे कंटेनर (FCL) और छोटे माल (LCL), दोनों तरह का काम
जुलाई 2026 से दुनिया की बड़ी शिपिंग कंपनी मर्स्क (Maersk) ने भी “हिरनोदा” को अपनी बुकिंग में जोड़ लिया है — यानी अब विदेश भेजे जाने वाले कंटेनर की बुकिंग सीधे हिरनोदा से हो सकती है।
किसके माल के लिए
जयपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों — सीतापुरा, VKIA, बगरू, बिचून, दूदू, महिंद्रा SEZ और अलवर तक — के व्यापारी यहाँ से माल भेज सकते हैं। ख़ास तौर पर हस्तशिल्प (हैंडीक्राफ़्ट), कपड़े व रेडीमेड गारमेंट, मार्बल-पत्थर, इंजीनियरिंग का सामान और खेती से जुड़े उत्पाद।
हिरनोदा गाँव को क्या फ़ायदा
- रोज़गार: ख़बरों के अनुसार इससे 5,000 से ज़्यादा लोगों को सीधा और अप्रत्यक्ष काम मिलने की उम्मीद है — कंटेनर संभालना, सुरक्षा, ड्राइवर, दफ़्तर, मशीन ऑपरेटर, मरम्मत।
- छोटे कारोबार: ट्रक ड्राइवरों और कर्मचारियों से चाय-नाश्ता, ढाबा, किराना, टायर-पंचर, मोबाइल रिचार्ज जैसे कामों की माँग बढ़ती है।
- गाँव की पहचान: “हिरनोदा” अब देश-विदेश की शिपिंग कंपनियों की सूची में है।
- ध्यान रखने वाली बात: भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ने से सड़क सुरक्षा और धूल-सड़क की देखभाल पर गाँव व पंचायत को नज़र रखनी होगी। कोई समस्या हो तो गाँव की समस्या दर्ज करें।
नौकरी के लिए: थार ड्राई पोर्ट में भर्ती की जानकारी कंपनी से ही लें। नौकरी के नाम पर पैसे माँगने वालों से सावधान रहें — असली कंपनी नौकरी देने के पैसे नहीं लेती।
थार ड्राई पोर्ट कहाँ है — नक्शा
डिपो हिरनोदा रेलवे स्टेशन के पास, रेलवे फुट ओवर ब्रिज की तरफ़ है। Google Maps पर रास्ता देखें
कंपनी के बारे में
“द थार ड्राई पोर्ट” नाम से HPCSL पहले से जोधपुर (2001 से) और साणंद, गुजरात (2009 से) में भी कंटेनर डिपो चलाती है। हिरनोदा वाला डिपो जयपुर क्षेत्र के लिए उसका नया केंद्र है। कंपनी की वेबसाइट: thethardryport.com
स्रोत: राजस्थान पत्रिका, द स्टेट्समैन, मर्स्क की सूचना। आँकड़े ख़बरों में बताए गए हैं; बदलाव हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
थार ड्राई पोर्ट कहाँ है?
यह जयपुर ज़िले की फुलेरा तहसील के हिरनोदा गाँव में, हिरनोदा रेलवे स्टेशन के पास है — जयपुर शहर से लगभग 55 किलोमीटर।
ड्राई पोर्ट (ICD) क्या होता है?
समुद्र से दूर ज़मीन पर बना ऐसा केंद्र जहाँ माल कंटेनर में भरा जाता है, कस्टम की जाँच होती है और कंटेनर रेल या सड़क से सीधे बंदरगाह भेजा जाता है।
हिरनोदा का ड्राई पोर्ट किन बंदरगाहों से जुड़ा है?
यह वेस्टर्न डेडिकेटेड फ़्रेट कॉरिडोर के रास्ते गुजरात के मुंद्रा और पीपावाव बंदरगाहों से जुड़ा है।
थार ड्राई पोर्ट कौन चलाता है?
इसे हस्ती पेट्रो केमिकल एंड शिपिंग लिमिटेड (HPCSL) चलाती है, जो जोधपुर और साणंद (गुजरात) में भी "द थार ड्राई पोर्ट" नाम से डिपो चलाती है।
इससे गाँव के लोगों को क्या फ़ायदा है?
रोज़गार के नए मौके, गाँव में छोटे कारोबार (ढाबा, किराना, मरम्मत) की माँग और हिरनोदा की नई पहचान। ख़बरों के अनुसार 5,000 से ज़्यादा प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोज़गार की उम्मीद है।