कार्यक्रम

हिरनोदा में हर साल पौधारोपण और खेल-कूद प्रतियोगिता

प्रकाशित: अपडेट: लेखक: तेजपाल भादू & कन्हैया देवन्दापढ़ने का समय: 1 मिनट
HIRNODA
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हिरनोदा गाँव में स्वच्छता, हरियाली और खेल-कूद को बढ़ावा देने के लिए हर साल पौधारोपण और खेल-कूद कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें गाँव के सभी लोग — बच्चे, युवा, महिलाएँ और बुज़ुर्ग — अहम भागीदारी निभाते हैं।

पौधारोपण क्यों ज़रूरी है

राजस्थान के सूखे इलाक़े में हर पेड़ क़ीमती है। पेड़ गर्मी में छाया देते हैं, मिट्टी को बहने से रोकते हैं, भूजल को बचाने में मदद करते हैं और पक्षियों-पशुओं को ठिकाना देते हैं। गाँव में लगाए गए नीम, पीपल, बरगद और खेजड़ी जैसे पेड़ आने वाली पीढ़ियों के लिए विरासत बनते हैं।

पौधे लगाना जितना ज़रूरी है, उतना ही ज़रूरी है उनकी देखभाल — समय पर पानी, पशुओं से बचाव के लिए जाली और पहले दो-तीन साल तक निगरानी।

पौधारोपण कार्यक्रम के कुछ पल

खेल-कूद प्रतियोगिता

पौधारोपण के साथ गाँव में बच्चों और युवाओं के लिए खेल-कूद प्रतियोगिताएँ भी होती हैं। दौड़, कबड्डी, खो-खो और दूसरे देसी खेल बच्चों को फ़िट रखते हैं और उनमें टीम-भावना जगाते हैं। विद्यालयों के विद्यार्थी इनमें बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं।

खेल-कूद प्रतियोगिता के कुछ पल

आप कैसे जुड़ सकते हैं

  • अपने घर, खेत या स्कूल में कम से कम एक पेड़ लगाएँ और उसकी ज़िम्मेदारी लें।
  • जन्मदिन या किसी ख़ास मौके पर पौधा लगाने की परंपरा शुरू करें।
  • गाँव में किसी सार्वजनिक जगह पर पौधारोपण का सुझाव हो तो सुझाव दर्ज करें।

2019 की वृक्षारोपण महारैली के बारे में भी पढ़ें, जिसमें गाँव के युवाओं ने सैकड़ों पौधे लगाए और बाँटे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

हिरनोदा में पौधारोपण कार्यक्रम कब होता है?

हिरनोदा में पौधारोपण और खेल-कूद कार्यक्रम हर साल आयोजित होते हैं, जिनमें सभी ग्रामीण भाग लेते हैं।

पौधे को बचाने के लिए क्या करें?

पहले दो-तीन साल नियमित पानी दें, पशुओं से बचाने के लिए जाली लगाएँ और किसी एक व्यक्ति या परिवार को उसकी देखभाल की ज़िम्मेदारी दें।

तेजपाल भादू & कन्हैया देवन्दा

तेजपाल भादू & कन्हैया देवन्दा
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